तालिबानियों ने GAY शख्स से किया दोस्ती का नाटक, पहले बुलाया घर फिर पिटाई के बाद कर डाला रेप

अफगानिस्तान (Afghanistan) पर इस समय तालिबान (Taliban) का कब्जा है। जब से इस आतंकी संगठन ने अफगानिस्तान की सत्ता हथियाई है तब से ही यहां से बड़ी भयानक तस्वीरें सामने आ रही है। तालिबान के आने से कोई भी अफ़गान नागरिक खुश नहीं है। बल्कि वे तो देश छोड़ भागने की फिराक में हैं। हालांकि तालिबान उन्हें ऐसा भी नहीं करने दे रहा है। वह अफ़गान नागरिकों पर जुर्म की बरसात कर रहा है। किसी की दर्दनाक मौत हो रही है तो कोई गंभीर रूप से घायल हो रहा है। इतना ही नहीं जो लोग अपने घरों में छिपे हुए हैं वे भी डर के साए में जी रहे हैं।

kabul and taliban

तालिबान राज में अफगानी महिलाओं (Afghanistan Women) की जिंदगी नर्क से भी बदतर हो गई है। उनके ऊपर मारपीट से लेकर बलात्कार तक सभी तरह के अत्याचार हो रहे हैं। लेकिन अब तालिबानियों की दरिंदगी सिर्फ महिलाओं तक ही सीमित नहीं रह गई है। वे अब समलैंगिक समुदाय (LGBTQ Community) के लोगों को भी टारगेट करने लगे हैं। हाल ही में तालिबानियों ने न सिर्फ एक गे (Gay) शख्स को पीटा बल्कि उसका रेप भी किया। इतना ही नहीं उन्होंने उस गे शख्स के पिता का नंबर भी लिया और उन्हें बताया कि आपका बेटा समलैंगिक है। चलिए इस पूरे मामले को थोड़ा और विस्तार से जानते हैं।

दरअसल ये हैरान कर देने वाला मामला अफगानिस्तान की राजधानी काबुल (Kabul) का है। यहां तालिबानी समलैंगिक लोगों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। ऐसे में समलैंगिक लोग अफगानिस्तान में अपनी पहचान छुपाने को मजबूर हो गए हैं। लेकिन इसके बावजूद तालिबानी उन्हें ढूंढकर मार रहे हैं।

उदाहरण के लिए इस मामले में दो तालिबानी आतंकवादियों ने एक समलैंगिक शख्स से दोस्ती का झूठा नाटक किया। इसके बाद उन्होंने इस गे शख्स को मिलने बुलाया। पहले ये गे शख्स अपने घर में छिपकर अपनी पहचान छिपा रहा था। लेकिन जब उसे ये यकीन हो गया कि तालिबानी उससे दोस्ती का हाथ बढ़ा रहे हैं तो वह उनसे मिलने चला गया।

यह गे शख्स जैसे ही इन तालिबानियों से मिलने गया तो उन्होंने उसकी जमकर पिटाई कर दी। इसके बाद उन्होंने इस शख्स का रेप किया। वे यहीं नहीं रुके। उन्होंने शख्स से उसके पिता का मोबाईल नंबर लिया और उन्हें कॉल कर बताया कि आपका बेटा गे है। इस मामले को उजागर अफगानिस्तान के राइट्स एक्टिविस्ट अर्तेमिस अक्बरी (Artemis Akbary) ने किया है। एक्टिविस्ट तुर्की में रहता है लेकिन वह पीड़ित व्यक्ति के कान्टैक्ट में है। उसने इस घटना का जिक्र एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान किया। उन्होंने बताया कि इस छोटे से उदाहरण से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि तालिबान के राज में समलैंगिक लोगों का जीवन कितना मुश्किल है।

अफगानिस्तान के राइट्स एक्टिविस्ट अर्तेमिस अक्बरी ने आगे कहा कि तालिबानी बस दुनिया के सामने दिखावा कर रहे हैं कि हम बदल चुके हैं। लेकिन असल में ऐसा नहीं है। उनके अंदर कोई भी बदलाव नहीं आया है। उनकी सोच और हरकतें पहले जैसी ही है।

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